आखिर क्‍या है ? स्‍टेम सेल और क्‍यों इतनी महत्‍वपूर्ण है: Stem Cell Kya Hai, Uses Benifits Therapy Treatment and Preservation

Stem Cell Kya Hai: स्‍टेम कोशिकाएं विशेष मानव कोशिकाएं है जो मांसपेशियों की कोशिकाओं से लेकर मास्तिष्‍क कोशिकाओं तक कई अलग-अलग प्रकार की कोशिकाओं में विकसित हो सकती हैं। आइए हम Stem Cell Kya Hai, Uses Benifits Therapy Treatment and Preservation पर एक विस्‍तृत नजर डालें।

स्‍टेम सेल क्‍या है (What is a Stem Cell)

स्‍टेम सेल को ही मूल कोशिका कहां जाता हैं Stem Cells में क्षतिग्रस्‍त कोशिकाओं की मरम्‍मत करने की भी क्षमता होती है। मनुष्‍य का शरीर असंख्‍य कोशिकाओं से बना हुआ है और इनके अपने-अपने कार्य होते हैं। इससे शरीर की लगभग सभी कोशिकाओ को कृत्रिम रूप से निर्मित किया जा सकता है इन कोशिकाओं में उपचार करने की प्रबल शक्ति होती है। वे किसी भी प्रकार की कोशिका में विकसित हो सकते हैं।

स्‍टेम सेल के प्रकार (Types of Stem Cell)

स्‍टेम सेल शरीर के क्षतिग्रस्‍त भागों को ठीक करने में उपयोगी होता है यह दो प्रकार के होते है

भ्रूणीय स्‍तंभ कोशिकाएं (Embryonic Stem Cells) – भ्रूण की शुरूआती अवस्‍था से प्राप्‍त की गई कोशिकाएं भ्रूणीय स्‍तंभ कोशिकाएं कहलाती है इस प्रकार की स्‍तंभ कोशिकाएं से शरीर के लगभग प्रत्‍येक भाग का निर्माण किया जा सकता है। यह कोशिकाएं कई बार विभजित होकर ऐसी कोशिकाएं बनाती है जो पूर्ण रूप से सक्षम होती है।

वयस्‍क स्‍तंभ कोशिकाएं (Adult Stem Cells) – यह स्‍तंभ कोशिकाएं संपूर्ण शरीर में पाई जाती है यह बच्‍चों में बूढ़ो की अपेक्षा बहुत संख्‍या में रहती है शरीर की टूट-फूट होने पर क्षतिपूर्ति के लिए आवश्‍यक होती है वयस्‍क स्‍तंभ कोशिका को Bone Merrow, पेरीफेरल रक्‍त,ऊतक,मांसपेशी, टिश्‍यूज,काटिलेज,ब्रेन टिश्‍यूज आदि से प्राप्‍त किया जाता है।

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स्‍टेम सेल के उपयोग एवं लाभ (Benefits or Uses of Stem Cell)

  1. इसके द्वारा अल्‍जाइमर,पर्किसंस,ल्‍यूकीमिया, गठिया ब्रेन की चोट हदय रोग व मधुमेह जैसी बीमारियां का इलाज अत्‍यंत आसान हो जाएगा।
  2. दांत की समस्‍या से निजात पाने के लिए Stem Cell द्वारा को तैयार कर उन्‍हें मसूड़ों में इंप्‍लाट कर दिया जाता है जिससे दांत निकल आता है।
  3. स्‍तंभ कोशिका कोशिकाओं के द्वारा मानव विकास की प्रक्रिया के उस प्रत्‍येक चरण को समझा जा सकेगा, जिससे गर्भाशय में विकसित हो रहे भ्रूण को समझना कठिन है।
  4. वैज्ञनिकों ने Ambreyonic stem cell के द्वारा प्रयोगशाला में टोटीपोटेंट स्‍टेम सेल की पतली चादर विकसित कर ली है। इस चादर को क्षतिग्रस्‍त रोगियों में प्रत्‍योपित कर दिया जाता है। इसके बाद नजर को ठीक से काम करने लगा जाती है।
  5. Stem Cell के द्वारा नई अस्थियों का विकास कर अस्थि संबंधी रोगों के उपचार को सरल बनाया जा सकेगा।
  6. भविष्‍य में दवाओं का परीक्षण स्‍तंभ कोशिका से बने भ्रूण पर किया जाना संभव हो सकेगा,जिससे बंदरो एवं शोध की आवश्‍यकता नहीं पड़ेगा।
  7. Bone Merrow की स्‍तंभ कोशिकाओं से रक्‍त कोशिकाएं बनाई जा सकती है, जिससे रक्‍त संचार प्रणाली से संबंधित बीमरियों पर नियंत्रण स्‍थपित किया जा सकेगा।
  8. एचआइवी संक्रमण से नष्‍ट हुई कोशिकाओं को फिर से बनाया जा सकेगा।

स्‍टेम सेल की सहायता से उपचार जानें ( Stem Cell Treatment)

स्‍टेम सेल की सहायता से इन दिनो परिवेश में कई तरह के रोगों उपचार किये जा रहे हैं, उपचार की यह पद्धति एकदम अनोखी है, इस उपचार पद्धति का इस्‍तेमाल 1960 से ही विभिन्‍न तरह के रोगों के इलाज हेतु करते है,ब्‍लड स्‍टेम का प्रयोग वर्ष 1980 में किया गया, Umbilical Cord Blood Stem Cell का प्रयोग लगभग 10000 से भी अधिक ट्रांसप्‍लाटेंशन में किया गया है, इसकी सहायता से जिन रोगों का उपचार हो सकता है, उनमें मुख्‍य रोगों का नाम नीचे दिया जा रहा है।

  1. क्रोनिक ल्‍यूकेमिया के उपचार में सेल का इस्‍तेमाल करते आ रहे हैं, जैसे Chronic Myelogenous Leukemia Chronic Lymphocytic Leukemia आदि
  2. Myelodusplastic Syndromes का भी इलाज इसकी सहायता से संभव किया जाता रहा है।
  3. कई  Histocytic Disorders Familial Erythrophagocytic, Lymphohistiocytosis, Histiocytosis- X आदि का भी इलाज इससे संभव हो सकता है।
  4. इसकी सहायता से विभिन्‍न तरह के एक्‍यूट ल्‍यूकेमिया जैसे Acute Lymphoblastic Leukemia, Acute Myelogenous Leukemia, Acute Biphenotypic Leukemia, Acute Undifferentiated Leukemia आदि रोग का उपचार किया जाता है।

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स्‍टेम सेल की थेरेपी ( Stem Cell Theraphy)

Stem Cell किसी बीमारी या स्थिति को ठीक करने या रोकने के लिए स्‍टेम कोशिकाओं का उपयोग है। क्षतिग्रस्‍त कोशिकाओं की मरम्‍मत उत्‍पन्‍न स्‍टेम कोशिकाओं द्वारा की जाती है,जो घायल ऊतकों में उपचार प्रक्रिया को भी तेज कर सकती है। ये कोशिकाएं ऊतक के पुनर्जनन और प्रत्‍योपण के लिए आवश्‍यक हैं।

स्‍टेम सेल प्रत्‍योपण (Stem Cell Transplant)

स्‍टेम सेल नई या अपरिपक्‍व रक्‍त कोशिकाएं होती हैं जो आपके Bone Merrow का उत्‍पादन करती हैं। आपका बोन मैरो आपकी हड्डी का नरम स्‍पंजी केंद्र होता है। ये स्‍टेम सेल सफेद रक्‍त कोशिकाओं सहित सभी प्रकार की रक्‍त कोशिकाएं में विकसित होती हैं जो पूरे शरीर में ऑक्‍सीजन ले जाती हैं और रक्‍त के थक्‍के में मदद करती हैं। उम्र बढ़ने या खराब हो चुकी रक्‍त कोशिकाओं को बदलने के लिए स्‍टेम सेल लगातार नई रक्‍त कोशिकाओं को बदलने के लिए स्‍टेम सेल लगातार नई रक्‍त कोशिकाओं का उत्‍पादन करती है।

स्‍टेम सेल प्रत्‍योपण की प्रक्रिया

यदि मरीज स्‍वयं के स्‍टेम सेल प्राप्‍त कर रहे हैं,तो डॉक्‍टर मरीज के ही शरीर से रक्‍त लेंगे ताकि वे Transplant के लिए स्‍वस्‍थ स्‍टेम सेल निकाल सकें। ऐसा करने के लिए,वे मरीज की दोनों हाथों की नसों को एक सेल सेपरेटर मशीन से जोड़ते हैं। मशीन मरीज के खून को एक हाथ से खींचती है, खून को फिल्‍टर करती है और फिर इसे मरीज के दूसरे हाथ के माध्‍यम से वापस शरीर में भेंजेगे। यह प्रक्रिया चोट नहीं पहुंचाती है।

डॉक्‍टर को यह सुनिश्चित करने के लिए एक से अधिक बार रक्‍त लेने की आवश्‍यकता हो सकती है कि उनके पास टांसप्‍लांट के लिए पर्याप्‍त स्‍टेम सेल हैं। वास्‍ताविक Transplant में मरीज से सीवीसी के माध्‍यम से स्‍टेम सेल प्राप्‍त करना शामिल है। यादि मरीज स्‍वस्‍थ नहीं होता है तो डॉक्‍टर इसके लिए डोनर की सलाह भी दे सकते हैं।

मरीज की नई स्‍टेम कोशिकाओ को नई Blood Cells के उत्‍पादन के लिए समय की आवश्‍यकता होगी। यादि आपको डोनर स्‍टेम सेल मिले हैं,तो आपकी Transplant की गई स्‍टेम सेल अस्‍वस्‍थ स्‍टेम सेल की जगह ले लेंगी और एक नई Immune System का निर्माण शुरू करने में समय लगेगा।

किसी भी तरह से,मरीज को कई मरीज को कई महीनों तक अस्‍पताल मे या निरंतर डॉक्‍टर के संपर्क में रखना होगा, मरीज के स्‍वास्‍थ्‍य पर डॉक्‍टर निगरानी कर सकें।डॉक्‍टर स्‍टेम सेल ट्रांसप्‍लांट के बाद की प्रकिया की सलाह भी दे सकते हैं।

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  • प्रीट्रीटमेंट कीमोथेरेपी :- इससे संक्रमण से मरीज को बचाया जा सकता है।
  • ट्रांसप्‍लांट के बाद कुछ मरीजों को मतली,उल्‍टी और दस्‍त हो सकते हैं। आपका डॉक्‍टर इन लक्षणों को कम करने के लिए दवा देंगे मरीज बेहतर अनुभव कर सकें।
  • यादि मरीज को डोनर से सेल्‍स मिली हैं तो उसके शरीर द्वारा डोनर सेल्‍स को अस्‍वीकार करने की संभावना को कम करने के लिए डॉक्‍टर कुछ विशेष दवाओं को खाने की सलाह देते हैं।
  • लाल रक्‍त कोशिकाएं और प्‍लेटलेट्स को बदलने के लिए आपको रक्‍त ट्रांसफ्यूजन की आवश्‍यकता हो सकती है।

स्‍टेम सेल संरक्षण (Stem Cell Preservation)

Stem Cell Preservation को स्‍टेम सेल स्‍टोरेज या स्‍टेम सेल बैंकिंग के रूप में भी जाना जाता है। यह मानव शरीर से उत्‍पादन स्‍टेम कोशिकाएं प्राप्‍त करनें, प्रसंस्‍करण करने और उन्‍हें भविष्‍य में उपयोग के लिए संग्रहीत करने की प्रक्रिया है।

एक बड़ा तथ्‍य यह है कि स्‍टेम कोशिकाएं के सबसे समृद्ध स्‍त्रोतों में से एक गर्भनाल से प्राप्‍त करके स्‍टेम कोशिकाओं को आसानी से संरक्षित किया जा सकता है।

दुनिया भर में हर साल लगभग 60,000 स्‍टेम सेल ट्रांसप्‍लांट किए जाते हैं,जबकि भारत में हर साल 2000 स्‍टेम सेल ट्रांसप्‍लांट किए जाते हैं। लेकिन बीमारी की व्‍यापकता और प्रगति के अनुसार स्‍टेम सेल ट्रांसप्‍लांटेशन की आवश्‍यकता लगभग 1 लाख है। इसलिए भारत में स्‍टेम सेल संरक्षण की प्रकिया को बढ़ाने की जरूरत है।  

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स्‍टेम सेल संरक्षण के लाभ

  1. यह जीवन बचा सकता है
  2. नैदानिक परीक्षणों और अनुसंधान उदेश्‍यों के लिए उपयोगी
  3. Stem Cell क्षतिग्रस्‍त कोशिकाएं की जगह ले सकते हैं
  • Stem Cell के उपयोग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि ये कोशिकाएं हमारे अपने शरीर की होती है तथा हमारा प्रतिरक्षा तंत्र इन्‍हें बाहा समझकर अस्‍वीकार नहीं करता ।
  • स्‍टेम सेल बैंकिग शिशु को स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी सुरक्षा उपलब्‍ध कराने की दिशा में किया गया एक प्रयास है।
  • आजकल के परिवेश में कई माता-पिता अब गर्भनाल को स्‍टेम सेल बैंक में जमा करने का विकल्‍प अपनाने लगे हैं, ताकि इन जीवनदायी स्‍टेम सेल्‍स ओर ऊतकों का भविष्‍य में बीमारियों की स्थिति में उपयोग किया जा सकें।
  •  Stem Cell बैंकिंग दो प्रकार की होती है। पाब्लिक व प्राइवेट।
  • पाब्लिक स्‍टेम सेल बैंकिग के तहत अभिभावक स्‍वेच्‍छा से अपने शिशु की गर्भनाल रक्‍त कोशिकाएं बैं‍क को डोनेट करते हैं। इनकी मदद से किसी भी जरूरतमंद व्‍याक्ति का इलाज किया जा सकता है।
  • प्राइवेट स्‍टेम सेल बैंकिग के तहत जिस शिशु की गर्भनाल रक्‍त कोशिकाएं स्‍टोर की जाती हैं, उसके या उसके परिवार के किसी सदस्‍य के इलाज के लिये उन सेल्‍स का इस्‍तेमाल किया जाता है।
  • माना जाता है कि मान्‍यता मिल जाने के बाद स्‍टेम सेल का उपयोग 80 प्रकार की चि‍कित्‍सकीय परिस्थितियों में किया करके रखा जा सकता है।
  • Stem Cell Banking की प्रक्रिया में सेल्‍स को क्रायोजेनिक तरीके से (-196 डिग्री तापमान पर) कई वर्षों के लिये संरक्षित करके रखा जा सकता है।
  • प्रयोगशाला में कोशिका को उपयुक्‍त पोषक पदार्थ और वृद्धि कारकों की उपस्थिति में संवद्धित किया जाता है जिससे विशिष्‍ट जीन सक्रिय होते हैं। कोशिका विभाजन बढ़ता है और विशेष ऊतकों का निर्माण होता है।

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