Page Experience क्‍या है? Page Experience की पूरी जानकारी 2024

नमस्‍कार दोस्‍तों, आज हम Page Experience की कुछ जरूरी चीजों के बारें में आपको जानकारी देंगे यदि आप एक अच्‍छे ब्‍लॉगर है तो Page Experience के बारें मे जरूर जानते होंगे और आप इससे परेशान भी होगे तो चलिए आज इस ब्‍लॉग में आपको Page Experience Kya Hai, Page Experience Signals क्‍या है, पेज एक्‍सपीरियंस से जुड़ी सारी जानकारी आपको इस ब्‍लॉग के जरिए बताएंगे।

Page Experience Kya Hai ?

यदि आपके ब्‍लॉग पर कोई यूजर पोस्‍ट को पढ़ने आता है यूजर का आपके ब्‍लॉग के प्रति व्‍यौहार है आपके वेबसाइट पर वह कितना समय तक रहता है उस पेज पर क्‍या क्‍या एक्टिविटी करता है। इसे Page Experience कहते हैं।

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आज कल इंटरनेट पर ऐसे बहुत से ब्‍लॉग है जैसे ब्‍लॉग पोस्‍ट अच्‍छा ना होना, उसमें दी गयी जानकारियां गलत हो, ब्‍लॉग का डिजाइन अच्‍छी ना होना, ज्‍यादा सा ज्‍यादा ऐड्स दिखाई देना । Page Experience एक ब्‍लॉग SEO का ही पार्ट है तो आपको रैंकिंग में काफी मदद करेगा।

मैं आपको बता दॅूं कि गूगल की Priority यूजर का Experience पेज एक्‍सपीरियंस के जरिए गूगल को पता चलता है कि यूजर को किस वेबसाइट से अच्‍छा एक्‍सपीरियंस मिल रहा है।

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Page Experience Signals क्‍या है ?          

पेज एक्‍सपीरियंस Signals एक ऐसी चीज है जिसमें से आप अपने ब्‍लॉग के पेज एक्‍सपीरियंस को देख सकते हैं और आप अपने ब्‍लॉग पेज एक्‍सपीरियंस प्रतिशत कितना है और कहां पर क्‍या–क्‍या कमियां है आप गूगल सर्च Console के मेनु पर जाकर देख सकते हैं।

पुराने Page Experience में 4 सर्च Signal थे। लेकिन New Page Experience में 1 सर्च Signal और ऐड किया गया है। जिसे Core Web Vitals कहते है। इस तरह पेज एक्‍सपीरियंस में 5 सर्च Signals है।

1. Core Web Vitals

 मैं आपको बता दूं कि सबसे पहले पेज एक्‍सपीरियंस में Core Web Vitals आते हैं। Core Web Vitals यह आपके ब्‍लॉग के लोडिंग स्‍पीड का ही पार्ट है आपके ब्‍लॉग के लोडिंग स्‍पीड अच्‍छी है तो आपको Core Web Vitals में कोई परेशानी नही आयेगी यदि आपके ब्‍लॉग की लोडिंग स्‍पीड कम है तो Core Web Vitals में समस्‍या आना ही है। Loading Speed से ही गूगल कई प्रकार से आपको जज करता है यूजर के उपयोग के ऊपर निर्धरित है जिसको गूगल ने इसे 3 भागों में बांटा है। जो इस प्रकार है-

Large Contentful Paint (LCP)

आपके वेबपेज में जो सबसे बड़ा भाग है उसे लोड होने में कितना समय लगता है LCP स्‍कोर जिसको लार्ज कंटेटफुल पेंट के नाम से जानते हैं यह आपके ब्‍लॉग के लोंडिग स्‍पीड में सबसे बड़ी समस्‍या है। LCP स्‍कोर यह कितना होना चाहिए LCP स्‍कोर वह स्‍कोर है जितने समय में आपके ब्‍लॉग पोस्‍ट का अधिक से अधिक कांटेट यूजर के सामने कितने समय में दिखाई देता है गूगल के अनुसार 2.5 सेंकेड से कम होना चाहिए।

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Frist Input Delay (FID)

यदि कोई भी यूजर आपकी साइट में आता है तो वह साइट के किसी भी ऐलीमेंट पर Touch करता है,जैसे बटन,लिंक,इमेज आदि Element Response करने में कितना समय लेता है इसको FID के द्वारा मेजर किया जाता है। इसमें अगर यूजर का आपके वेब पेज पर Interact 100 मिली सेकंड होता है और सबसे अच्‍छा माना जाता है। अगर 300 ms होता है तो Improvement के लिए कहां जाता है। लेकिन उससे ज्‍यादा होता है तो आपके लिए रेड सिंग्‍नल मिल जाता है जिसको हम FID स्‍कोर कहते हैं। एक पोस्‍ट से दूसरे पोस्‍ट पर Shift होने तथा Action लेने का समय FID स्‍कोर होता है जो Page Experience में काफी जरूरी होता है।

Cumulative Layout Shift (CLS)

आपने कभी देखा होगा कि आप कभी अपने ब्‍लॉग को होते समय आपके ब्‍लॉग के विकल्‍प इधर-उधर खिसकते है और आपने ये भी देखा होगा कि उसका मेनु ऊपर नीचे होता है और टाइटल इधर-उधर जाता है कुछ कंटेट लोड होता है फिर गुम हो जाता है फिर तुरंत आ जाता है CLS स्‍कोर आपका 0.1 के अंदर है तो अच्‍छा होता है अगर 0.25 के अंदर है तो गूगल इसे Improvement के करने के लिए बोलता है, अगर उससे ऊपर चला जाता है तो इसे Poor Category में डाला जाता है।  

2. Mobile Usability

गूगल सर्च Console के पेज एक्‍सपीरियंस में दूसरे नंबर पर Mobile Usability आता है। गूगल के अनुसार Mobile Usability में ये मेजर किया जाता है यदि कोई भी यूजर आपके वेब पेज को अपने स्‍मार्टफोन में खोलें तो आपका वेब पेज मोबाइल फ्रेडली होना चाहिए। मतलब कि वेब पेज अपने फोन में खुलने से कोई परेशानी न हो।

3. Security Issues

यह पेज एक्‍सपीरियंस के तीसरे नबंर पर आता हैं। इसमें वेब पेज के यूआरएल की Security Issues को मेजर करते हैं। अगर आप ब्‍लॉग कुछ ऐसी कैटेगरी में है। जहां आप यूजर को ऑनलाइन कोई प्रोडक्‍ट बेच रहे हैं और खरीद रहे हो ऐसे में इन सारे यूजर को पर्सनल डिटेल आपके पास जमा हो रही है ऐसे में वेबसाइट को ओनर की जिम्‍मेदारी है कि पर्सनल डिटेल को सुरक्षित रखे नही तो आपको Security Issues की परेशानी हो सकती है जो गूगल रैंकिग के लिए बहुत बड़ी परेशानी है।

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4. HTTPS Usage

HTTPS पेज एक्‍सपीरियंस का एक महत्‍वपूर्ण Signal है,साथ ही यह एक रैंकिग फैक्‍टर भी है, यदि आपके ब्‍लॉग पर SSL Certificate Install है, तो आपको यह समस्‍या सभी भी देखने को नही मिलेगी यह उन लोगों को देखने को मिल सकती है तो क्‍लाउफ्लेयर का फ्री SSL यूज कर रहे हैं या फिर SSL यूज ही नही किया है यह आपके ब्‍लॉग का एक सेक्‍योर कनेक्‍शन होता है जिस पर वह यूजर विश्‍वास करते हैं और आपका ब्‍लॉग सुरक्षित भी रहता है।

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5. Ad Experience

Page Experience का यह भाग ज्‍यादा झमेला वाला नही है, इससे बचने के तरीका काफी सरल है जिसके लिए आपको अपने ब्‍लॉग पर कम से कम ऐड्स का इस्‍तेमाल करना है Ad Experience सही रहेगा यूजर जब आपके ब्‍लॉग को पढ़ने आता है उसे ज्‍यादा से ज्‍यादा ऐड्स दिखाई न देती है, तो वह उस ब्‍लॉग को छोड़कर वापस चला जाता है जिससे आपका Ad Experience बेकार होता है।

निष्‍कर्ष

हमने अपने इस ब्‍लॉग पर पेज एक्‍सपीरियंस क्‍या है पेज एक्‍सपीरियंस के सिंग्‍नल क्‍या है इसके बारें में हमने विस्‍तार से बताया है इसकी मदद से आप अपने पेज एक्‍सपीरियंस को अच्‍छे से मेजर कर सकते हैं और जान सकते हैं कि कहां पर परेशानी है जिसे आप बाद में सुधार कर अच्‍छा बना सकते हैं। आशा करती हूं कि आपको यह जानकारी फायदेमंद साबित हो।

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