आखिर क्‍यों निशा बांगरे ने डिप्‍टी कलेक्‍टर के पद से इस्‍तीफा दिया

Nisha bangre ne deputy collector ke pad se isteepha diya. Nisha bangre पहले भोपाल में डिप्‍टी कलेक्‍टर के पद पर प्रदस्‍त थी भोपाल से निशा का ट्रांसफर मध्‍यप्रदेश – छतरपुर बैतूल में नवम्‍बर 2022 में हुआ जिसकी जॉनिंग दिसम्‍बर से की। Nisha bangre अपनी साल 2010 – 14 के बीच में इंजीनियर कि पढ़ाई कम्‍पलीट की इसके बाद प्राइवेट नौकरी कुछ समय की उसी बीच उनका मन मध्‍यप्रदेश सर्वेंट सेवा में आने का मन किया और तैयारी करती रही और साल 2016 में MPPSC कि परीक्षा दी और उनका सकेक्‍शन डिप्‍टी एसपी के पद पर उनका सलेक्‍शन हुआ । साल 2017 में निशा ने दुबारा परीक्षा दी पुन: उनका सलेक्‍शन हुआ और इस बार उनका सलेक्‍शन डिप्‍टी कलेक्‍टर के पद पर हुआ। और तब से Nisha bangre प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सेवा दे रही थी।

Nisha bangre ने इस्‍तीफा क्‍यों दिया

निशा ने अपने घर के गृहप्रवेश 25 जून को शामिल होने के लिए प्रशासन से 1 जून को छुट्टी ली प्रशासन द्वारा छुट्टी न मिलने पर निशा ने पुन: छुट्टी लेने के लिए प्रशासन से अपील की लेकिन प्रशासन द्वारा दुबारा भी छुट्टी देने से इंकार कर दिया गया। ऐसे में Nisha bangre को छुट्टी न मिलने पर अपने डिप्‍टी कलेक्‍टर के पद से इस्‍तीफा दे दिया। निशा का कहना है कि मुझे अपने घर परिवार अपने बच्‍चों के साथ माता पिता के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में अगर मुझे इनके साथ रहने की अनुमति नहीं मिलती है तो मैं इस पद पर नहीं रहना चा‍हती हूँ इसलिए मैं इस्‍तीफा दे रही हूँ।

Nisha bangre पर घर न खाली करने का नोटिश

Nisha bangre छतरपुर के पहले भोपाल में डिप्‍टी कलेक्‍टर के पद पर थी वहां पर उनको रहने के लिए शासन द्वारा कमरा दिया गया था जिससे निशा बांगरे का समान भोपाल में रखा था । लेकिन Nisha bangre का कहना है कि भोपाल से मेरा ट्रांसफर छतरपुर में नवम्‍बर में हुआ था जिसकी जॉयनिंग दिसम्‍बर से हुई दिसम्‍बर से अप्रैल तक निशा बांगरे को छतरपुर में रहने के लिए प्रशासन द्वारा कोई कमरा न‍ही दिया गया उनका कहना है कि जब शासन द्वारा उन्‍हें रहने को कमरा नहीं दिया गया तो मैं अपना समान कहा रखुँगी इसलिए मेरा सारा समान भोपाल में रखा था।  

प्रशासन को बिना बताऐ विदेशी धर्मगुरू को बुलाकर गौतम बुध्‍द कि अस्‍तियॉं स्‍थापित हुई

प्रशासन द्वारा आयोजन कि मंजूर न मिलने पर भी आयोजन किया गया और Nisha bangre ने बढ़चढ़ कर इसमें हिस्‍सा लिया और प्रशासन को बिना बताये ही विदेशी धर्मगुरू को आमंत्रित किया गया और 10 देश के धर्मगुरू इस आयोजन में शामिल हुए। जबकि नियम के अनुसार किसी ट्रिप में विदेशी लोग आ सकते है लेकिन किसी धार्मिक सम्‍मेलन में शामिल होने के लिए शासन से मंजूरी लेना होता है।इस सम्‍मेलन में बुद्व कि अस्‍तियों को भी लाया गया जिसे Nisha bangre के घर पर रखी गई और इसके साथ ही निशा बांगरे के घर का उदघाटन किया गया।

Nisha bangre को मिला कमलनाथ का साथ

Nisha bangre को कमलनाथ का साथ मिला कमलनाथ का कहना है कि Nisha bangre के साथ गलत हुआ है छतरपुर में शासकीय आवास नहीं मिला रहने को तो कहा रखती निशा अपना समान अखिर भोपाल के आवास में ही रखेंगी ऐसा मध्‍यप्रदेश पूर्व मुख्‍यमंत्री एवं कांग्रेस के अध्‍यक्ष का कहना है ।

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