Fashion Kya Hai 2023: फैशन क्‍यों शुरू हुआ पूरी जानकारी जानें

Fashion Kya Hai : फैशन आज कल के हर चीजों में बढ़ता जा रहा है और आज की दुनिया में फैशन कपड़ो की बात करें या फैशन हर चीजों में आगे बढ़ता जा रहा है। फैशन होता है,स्‍मार्ट दिखने में,तरह-तरह से कपड़े पहनने में बातचीत में जिसके आत्‍मविश्‍वास झलके। उठने-बैठने के तरीके में सलीका दिखे, जिसे देखकर कोई भी सहज अनुभव करें, उससे प्रेरणा लेकर कोई अनुसरण करना चाहते हैं। आज हम इस आर्टिकल में फैशन क्‍या है और फैशन क्‍यों शुरू हुआ इसके बारें में आपको डिटेल में बताएंगे

फैशन क्‍या है

मौसम के नए फैशन हर किसी का मूल्‍यांकन उनकी पोशाक से किया जाता है, और मूंल्‍याकन में रंग,साम्रगी,सिल्‍हूट और शरीर पर कपड़े कैसे दिखते हैं, इस पर विचार शामिल है। शैली और साम्रगी में समान परिधान पहनने वाले के शरीर के आकार के आधार पर अलग-अलग दिखाई देते हैं या क्‍या परिधान धोया गया है,मोड़ा गया है, मरम्‍मत किया गया है, या नया है। फ्रांसीसी शब्‍द मोड,जिसका अर्थ है फैशन,1482 का है, जबकि शैली में किसी चीज को दर्शाने वाला अंग्रेजी शब्‍द केवल 16वीं शताब्‍दी का है। अन्‍य शब्‍द शैली और अपील की अवधारणाओं से संबंधित हैं जो विधा से पहले आते हैं। 12वीं और 13वीं सदी के पुराने फ्रांसीसी में सुदंरता को बढ़ाने और परिष्‍कार प्रदर्शित करने के लिए कुलीन प्राथमिकताओं के संदर्भ में ललित्‍य की अवधारणा प्रकट होने लगती है, और काइनटेरी,सौंदर्य और पोशाक में शैली या कलात्‍मकता के माध्‍यम से खुद को दूसरों के लिए अधिक आकर्षक बनाने  का विचार प्रकट होता है । गिलाउम डी लॉरेस की 13वीं सदी की एक कविता में पुरूषों को सलाह दी गई है कि सुदंर कपड़े और सुदंर सामान एक आदमी को बहुत बेहतर बनाते हैं।

आज कल का फैशन क्‍या है

आज कल फैशन है कपड़ो में और सूट में चूड़ी पैटर्न और बोट नेक डीप नेक के सूट और ग्रीन ज्‍वेलरी भी ट्रेंड इन है। इसके अलावा पटियाला और शेरवानी पैटर्न के साथ प्‍लाजो या शरारा खूब चल रहा है। और कुर्तों के मामले में स्‍ट्रेट पैटर्न चलन में कांच वर्क वापस फैशन में है और आज कल साड़ी तक में बहुत पंसद किया जा रहा है।

फैशन का उदेश्‍य

फैशन और टेक्‍सटाइल्‍स का उदेश्‍य ज्ञान को आगे बढ़ाना और दुनिया भर में फैशन और टेक्‍सटाइल्‍स उद्योग में नए दष्टिकोण तलाशना है। फैशन शो ऐेसे आयोजन नहीं है जिनका उपयोग डिजाइनर यह प्रदर्शित करने के लिए करते हैं कि आप अगले दिन दुकानों में क्‍या खरीद पाएंगे।

फैशन शो एक डिजाइनर के लिए एक विशेष सौंदर्य,एक विशेष मनोदशा,एक विशेष अनुभव या दष्टिकोण को दिखाने का एक मौका है। परिणामस्‍वरूप,फैशन शो अधिक वैचारिक और उच्‍च स्‍तरीय विचार पर केंद्रित हो सकते हैं।

रनवे शो दौरान आपके द्वारा देखे जाने वाले बहुत सारे डिजाइन वास्‍तव में पहनने योग्‍य कला का एक रूप है जो सुंदरता (सुदंरता का लिए) नवीनता और इतनी अधिक कार्यक्षमता पर केंद्रित नहीं है। जो डिजाइन दुकानों में आते है वे अक्‍सर रनवे पर आप जो देखते हैं उसके हल्‍के संस्‍करण होते हैं।

फैशन कितने प्रकार के होते हैं

फैशनेबल वस्‍त्र–निर्माता या हौट-कोचर

1950 के दशक तक, अधिकांश फैशन परिधान या तो नाप-निर्मित या हौट-कोचर के अनुसार डिजाइनर किये जाते एवं बनाये जाते थे,एक परिधान अकेले ग्राहक के आदेश पर नि‍र्मित होता है और आमतौर पर उच्‍च गुणवता वाले,मंहगे कपड़े से, बारीकियों पर ध्‍यान देते हुए, अक्‍सर हस्‍त-निर्मित व समय लेने वाली विधियों से मिला जाता है। इनकी सामग्री की लागत और बनाने में लगने वाले समय से कहीं ज्‍यादा जरूरी होती है दिखावट-बनावट

पहनने को तैयार

पहनने को तैयार कपड़े जन बाजार और हौट-कोचर के बीच के होते हैं। ये व्‍याक्तिगत ग्राहकों के लिए नहीं बनाये जाते,पर कपड़ों के चुनाव और नाप-जोख में बड़ी सावधानी बरती जाती है। ये कपड़े छोटी मात्रा में बनाए जाते हैं जिनसे कि इनकी विशिष्‍टता की गारंटी रहे, इसीलिए ये मंहगे होते हैं पहनने को तैयार संकलन साधाणरत: हर साल एक निश्चित अवधि पर चलने वाले फैशन सप्‍ताह में फैशन हाउस द्वारा प्रदर्शित किये जाते हैं। इसका आयोजन शहरी आधार पर ,साल में दो बार होता है।

जन बाजार

वर्तमान में फैशन उद्योग की ब्रिकी जन-बाजार पर बहुत अधिक निर्भर करती है।जन-बाजार,ग्राहकों की एक विस्‍तृत श्रंखला की आवश्‍यकताओं को पूरा करता है, मानक मापों के अनुसार,पहनने को तैयार कपड़ों का काफी मात्रा में उत्‍पादन होता है। सृजनात्‍मक रूप से प्रयोग किया गया सस्‍ता सामान,वहन करने योग्‍य फैशन बनाता है। जन बाजार के डिजाइनर,नामी डिजाइनरों द्वारा स्‍थपित विचारधाराओं को अपनाते हैं। किसी मौलिक डिजाइन के प्रतिरूप को बनाने से पहले, अक्‍सर वो ये निश्चित करने के लिए कोई शैली कितनी चलेगी,एक सीजन तक प्रतीक्षा करते हैं पैसा और समय बचाने के लिए वे सस्‍ते वस्‍त्रों और सरल उत्‍पादन तकनीकों का उपयोग करते हैं, जिनका कि मशीनों द्वारा आसानी से उत्‍पादन किया जा सके। इसीलिए अत-उत्‍पाद बहुत अधिक सस्‍ते में बेचा जा सकता है।

एक डिजाइन होती है जिसे कहा जाता है किस्‍च डिजाइन जोकि जर्मन शब्‍द किशेन से निकली है यानी कि बदसूरत या जिसमें कि सौंदर्य बोध न हो। दूसरे तरीके से भी किस्‍च को समझाया जा सकता है, पहनने या दिखाने की कोई चीज जिसका समय निकल गया है या जो दिखाने की कोई चीज जिसका समय गया है या जो अब फैशन में नहीं है। इसलिए यादि आप ऐसी पेंट पहनें है जो एक बार 80 के दशक में पहनी थी, वह किस्‍च फैशन शैली कहलायेगी।

फैशन कैसे फैलता है जानें

आज कल फैशन हर चीजों को लेकर आगे बढ़ता जा रहा है कपड़ो की बात करें या ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट की सब चीजो में आगे है यदि किसी जींस का फैशन बहुत चल रहा है। आप ने उस जींस के पैटर्न को ले लिया और कुछ दिनों बाद कंपनी उस जींस के पैटर्न को चैंज कर देगी जैसे फटे हुए जींस निकाल देगें और किसी अभिनेता या अभिनेत्री को है पहना देगें और आपको लगेगा कि हमारे पास ऐसे कपड़े है ही नहीं और खदीदने चले जाएगे और लोग एक-दूसरे को देख देख कर अपना फैशनेबल कपड़े खरीदता है और पहनता है। लोग एक-दूसरे को देख कर फैशनेबल कपड़े पहनता है और इस प्रकार अनेक प्रकार के फैशन के पैटर्न इसी प्रकार फैलता रहता है। इस तरीके से फैशन कई तरीके से फैलता रहता है।  

फैशन का कार्य

फैशन से फैशनेवल कपड़े पहन के लोग अलग-अलग तरह के दिखाई देते हैं। फैशन का कार्य लोगों को विभिन्‍न प्रकार से देखा जा सकता है। फैशन कपड़ों और एक्‍सेसरीज पर डिजाइन और सौंदर्य का साकार करने की कला है। फैशन डिजाइनर सांस्‍कृतिक और सामाजिक व्‍यवहार से प्रभावित होते हैं। और समय और जगह के साथ बदलते रहे है। फैशन डिजाइनर कपड़े और उपसाधन डिजाइन करने में विभिन्‍न तरीकों से काम करते हैं। कुछ डिजाइनर अकेले या कुछ समूह में काम करते हैं।

कुछ डिजाइनर अकेले या कुछ समूह में काम करते हैं। कुछ समूह में काम करते हैं। वे सुन्‍दर तरीके से डिजाइन किए कपड़ों के प्रति उपभोक्‍ता की इच्‍छा को संतुष्‍ठ करते हैं।

कुछ कपड़े व्‍याक्ति विशेष के लिए बनाये जाते है, जैसे कि हौट कोचर या ऑफ द रैक,आजकल ज्‍यादातर कपड़े आम जनता के लिए बनाये जाते हैं,खास कर कि आरामदायक और रोजमर्रा में पहने जाने वाले कपड़े

FAQ

1. इंग्लिश में फैशन कैसे लिखते हैं?

उत्‍तर- इंग्लिश में फैशन (Fashion)

2. फैशन की खोज किसने की थी?

उत्‍तर- फैशन की खोज चार्ल्‍स फ्रेडरिक वर्थ ने की थी।

3. फैशन की रानी कौन है?

उत्‍तर- भारत में मुम्‍बई को फैशन की रानी कहां जाता है।

4. फैशन कहां से आता है?

उत्‍त्‍र- फैशन में फ्रांसीसियो ने हाउते कॉउचर का प्रतिष्ठित फैशन चलन शुरू किया।

5. सबसे ज्‍यादा फैशन वाला देश कौन सा है?

उत्‍तर- फैशन वाला देश फ्रांस है।

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