Eye Flu And Conjunctivitis: Very Helpfull क्‍या है इसके लक्षण और बचाव

Eye Flu And Conjunctivitis: आज कल ये बीमारी फैलती जा रही हैं लगातार बारिश के वजह से खराब मौसम और धूप और बढ़ते जलस्‍तर से देशभर में गंभीर हालात पैदा हो गए है। और यह बीमारी अनेक गांवों और शहरों में आ चुकी हैं और बरसात आते ही आंख में चुभन,पानी निकलना, आंख लाल होना और आंखो में जलन होना शुरू हो जाता है आज जानेंगे Eye Flu And Conjunctivitis क्‍या है और इसके लक्षण और बचाव के बारे में हम पूरी डिटेल में जानेंगे

Eye Flu और कंजाक्टिवाइटिस क्‍या है जानिए

Eye Flu And Conjunctivitis, एक संक्रमण है जो आमतौर पर वायरस के कारण आंख को प्रभावित करता है। यह संक्रामक है और प्रभावित व्‍याक्ति से दूसरे व्‍याक्ति में फैल सकता है। यह रोग कंजंक्टिव या आंख की पारदर्शी झिल्‍ली की सूजन के कारण होता है, जिससे यह गुलाबी दिखाई देती है।

Eye Flu And Conjunctivitis के संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए, सख्‍त स्‍वच्‍छता को बनाए रखना आवश्‍यक है। अच्‍छी तरह के हाथ धोना, आंखों को छूने से बचना,और तौलिए या आंखों के मेकअप जैसी व्‍याक्तिगत वस्‍तुओं को साझा करने से बचना संक्रमण के संचरण को रोकने में योगदान दे सकता है।

आज कल Eye Flu And Conjunctivitis के केस हर जगहों पर बढते जा रहे हैं। डेंगू, मलेरिया के साथ –साथ अब कुछ दिनों से आई फ्यू के कई मामले सामने आ रहे हैं। बच्‍चों से लेकर हर उम्र के लोग इसकी चपटे में आ रहे हैं। हॉस्पिटल में भी Eye Flu के केसेस दिन ब दिन बढ़ते जा रहे हैं जिससे अब लोगों में इसका डर तेजी से देखने को मिल रहा है।

Eye Flu वायरस कब तक हवा में रहता के जनिए

इंग्‍लैड की राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सेवा के अनुसार, बूंदो में Eye Flu के वायरस हवा में कई घंटो तक जीवित रह सकते हैं और कम तापमान से उनके जीवित रहने की दर बढ़ जाती है। एनएचएस अधिकारियों का कहना है कि Flu के वायरस हाथों पर लंबे समय तक नहीं रहते है, लगभग पांच मिनट के भीतर निम्‍न स्‍तर तक गिर जाते हैं।

Eye Flu And Conjunctivitis के लक्षण जानिए

  • आंखे लाल होना, जलन होना
  • आंखो से पानी निकलना
  • पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होना
  • आंखो में चुभन और सूजन आना
  • कंजंक्टिवा गुलाबी या लाल हो जाता है 
  • आंखो में खुजली होना और पानी आना
  • अत्यधिक फटने और स्राव के कारण धुंधली दृष्टि
  • आंखें प्रकाश के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं (फोटोफोबिया)
  • आँखों में किरकिरा या रेतीला एहसास

बरसात आते ही आंख के साथ साथ अपनी स्किन का भी खास ख्‍याल रखने के लिए आगे पढ़ें

आई फ्लू के प्रकार

Eye Flu And Conjunctivitis को इसके आन्तिरिक कारण के आधार पर कई प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है। यहां Eye Flu And Conjunctivitis के कु्छ प्रकार बताए गए हैं

वायरल कंजंक्टिवाइटिस

यह एडेनो वायरस सहित विभिन्न वायरस के कारण होता है। Conjunctivitis का यह रूप अत्यधिक संक्रामक है और हमेशा श्वसन संक्रमण के साथ होता है। आई फ्लू के वायरल Conjunctivitis के कुछ सामान्‍य लक्षणों में आंखों से पानी निकलना और लालिमा शामिल है।

रासायनिक कंजंक्टिवाइटिस  

रासायनिक Conjunctivitis मौसम से प्रेरित है। यह स्विमिंग पूल में क्लोरीन आदि रसायनों के कारण होता है। कंजंक्टिवाइटिस का यह रूप महत्वपूर्ण जलन और लालिमा पैदा कर सकता है।

एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस

इस प्रकार का आई फ्लू या Conjunctivitis पालतू जानवरों की रूसी , पराग या धूल के कण आदि कि एलर्जी से उत्पन्न होता है। एलर्जिक Conjunctivitis दोनों आँखों को प्रभावित करता है और अत्यधिक खुजली, लालिमा और अत्यधिक आँसू का कारण बनता है।

बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस

यह मुख्य रूप से स्टैफिलोकोकस ऑरियस या स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया जैसे बैक्टीरिया के कारण होता है। conjunctivitis का यह रूप भी अत्यधिक संक्रामक है और आंखें लाल या गुलाबी होने के अलावा आंख के कोने से गाढ़ा, पीला-हरा स्राव पैदा कर सकता है। मानसून के मौसम में आर्द्रता के स्तर में वृद्धि और बैक्टीरिया और वायरस प्रदूषण के कारण वायरल और बैक्टीरियल Conjunctivitis दोनों सामान्‍य हो जाते हैं।

जाइंट पैपिलरी कंजंक्टिवाइटिस (GPC)

इस प्रकार का conjunctivitis आमतौर पर कॉन्टैक्ट लेंस के लंबे समय तक उपयोग से होता है। इस आई फ्लू में पलकों की भीतरी सतह पर छोटे-छोटे उभार बन जाते हैं, जिससे बहुत तकलीफ होती है।

आई फ्लू का इलाज

आई फ्लू का इलाज मूल कारण पर निर्भर करता है। विभिन्न प्रकार के Eye Flu And Conjunctivitis के लिए, नेत्र विशेषज्ञों द्वारा निम्‍न प्रकार के उपचार सुझाए जाते हैं।

वायरल कंजंक्टिवाइटिस

वायरल conjunctivitis सामान्‍यत: पर 1-2 सप्ताह के भीतर खुद ही ठीक हो जाता है। लेकिन, तकलीफ से अराम  के लिए निम्‍न उपाय करें :

  • कृत्रिम आँसू या चिकनाई वाली, इससे आँखों को आराम मिलेगा
  • असुविधा और जलन को कम करने के लिए गर्म सिकाई करें।
  • आंखों को छूनें से बचें और स्‍वच्‍छता बनाऐ रखें, इससे आप इसे फैलने से रोक सकते हैं।

बैक्टीरियल Conjunctivitis

बैक्टीरियल conjunctivitis खुद से ठीक नहीं होता है और इसके लिए स्वास्थ्य देखभाल निर्धारित एंटीबायोटिक आई ड्रॉप या मलहम की आवश्यकता होती है। लेकिन, तकलीफ से अराम  के लिए, आप कुछ गर्म सिंकाई कर सकते हैं। 

एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस

एलर्जिक conjunctivitis को रोकने का सबसे अच्छा तरीका एलर्जी के संपर्क से बचना है। एलर्जिक conjunctivitis का इलाज करने के लिए, एक एलर्जी प्रतिक्रियाओं और लक्षणों को कम करने के लिए एंटीहिस्टामाइन आई ड्रॉप या खाने वाली एंटीहिस्टामाइन दवाई लिख सकता है। एलर्जी conjunctivitis से पीड़ित लोग सूजन, खुजली और तकलीफ से अराम  के लिए, आप कुछ ठंडी सिकाई कर सकते हैं।

जाइंट पैपिलरी कंजंक्टिवाइटिस (जीपीसी)

यह अक्सर कॉन्टैक्ट लेंस के अनुचित उपयोग से होता है। जीपीसी का इलाज करने के लिए, डाक्‍टर आपको कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग अस्थायी रूप से बंद करने के लिए कह सकता है। इसके अलावा, आंखों में सूजन और परेशानी को कम करने के लिए आई ड्रॉप या खाने वाली दवाएं भी लिख सकता है।

रासायनिक Conjunctivitis

रासायनिक Conjunctivitis के इलाज हेतु प्राथमिक उपचार आंखों को साफ पानी से धोना है जो जलन को दूर करने में मदद कर सकता है। यदि जलन बनी रहती है, तो स्थिति का अवलोकन करें और सुधार करने के लिए विशेषज्ञ की सहायता लें।

Eye Flu And Conjunctivitis के बचाव जनिए

  • Eye Flu And Conjunctivitis से संक्रमित व्‍याक्ति के हाथ न मिलाएं, न ही उनकी वस्‍तुओं को छुएं
  • आप अच्छी स्वच्छता को अपनाकर और संक्रमण कम करने के लिए उचित सावधानी बरतकर आई फ्लू को आसानी से रोक सकते हैं। यहां कुछ उपाय दिए गए हैं जिन्हें आप आई फ्लू से बचने के लिए उपयोग कर  सकते हैं:
  • खासकर अपनी आंखों या चेहरे को छूने से पहले और बाद अपने हाथों को साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं इससे आप उन वायरस और बैक्टीरिया को फैलने से रोक सकते हैं जो आंखों में संक्रमण का कारण बनते हैं।
  • अपनी आंखों को छूने या रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे आंखों में कीटाणु और जलन पैदा हो सकती है और संक्रमण खतरा बढ़ सकता है।
  • जब साबुन और पानी उपलब्ध न हो, तब अपने हाथों को साफ करने के लिए कम से कम 60% अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें। तो बीमारी पैदा करने वाले कीटाणुओं को खत्म किया जा सकता है
  • हाथों को नियमित रूप से साबुन या सैनिटाइजर से साफ करते रहें।
  • आंखो के मेकअप जैसी चीजों को लोगों से साझा न करें
  • कीटाणुओं को खत्म करने के लिए बार-बार छुई जाने वाली सतहों, जैसे दरवाज़े के हैंडल, लाइट स्विच और इलेक्ट्रॉनिक्स को नियमित रूप से कीटाणुरहित करें।
  • आंखो की सफाई रखें और ठंडे पानी से बार-बार धोएं
  • तौलिये, आई ड्रॉप, आंखों का मेकअप, धूप का चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस जैसी निजी वस्तुएं दूसरों के साथ साझा करने से बचें ।
  • Eye Flu And Conjunctivitis से पीड़ित किसी व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से बचें या संक्रमण फैलने के जोखिम को कम करने के लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • यदि आप एलर्जी conjunctivitis से ग्रस्त हैं तो अपने रहने की जगह को साफ रखें और air purifier का उपयोग करके पराग, पालतू जानवरों की रूसी, धूल के कण और फफूंदी जैसे एलर्जी को कम करने का प्रयास करें।
  • संक्रमित व्‍याक्ति के संपर्क में आने से बचें। भीड़ वाली जगहों से बचें।
  • अगर संक्रमित आंख को छूए तो हाथ अच्‍छे से साफ करें।
  • यदि आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, तो लेंस की नियमित सफाई और कीटाणुशोधन का उचित प्रबन्‍ध करें। जब आपकी आंखों में जलन हो तो आपको इन्हें पहनने से भी बचना चाहिए।
  • मानसून के मौसम में सार्वजनिक स्विमिंग पूल का उपयोग करने से बचें। पानी न केवल वायरस और बैक्टीरिया से भरा हो सकता है जो Eye Flu And Conjunctivitis का कारण बन सकता है, बल्कि पानी में मौजूद रसायन आंखों में जलन भी पैदा कर सकते हैं। 
  • आप एडेनोवायरस जैसे रोकथाम इन वायरस के खिलाफ टीका लगवाकर किया जा सकता है।
  • इस बीमारी से 5 से 7 दिन में रिकवर हो जाता है

जाने पी.सी.ओ.डी के बारे में और इससे होने वाली समस्‍याओं से करें बचाव, आगे पढें

आई फ्ल्‍यू क्‍या है

आई फ्ल्‍यू एक संक्रामक बिमारी है बैक्टिरिया या वारस द्वारा जनित है। संक्रमण के कारण कंजंक्टिव या आंख की पारदर्शी झिल्‍ली में सूजन आ जाती है, जिससे यह गुलाबी दिखाई देती है।

आई फ्ल्‍यू के लक्षण

आई फ्ल्‍यू के निम्‍न लक्षण है – आंखे लाल होना, जलन होना, खुजली होना, पानी निकलना, पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होना, आंखो में चुभन और सूजन आना, कंजंक्टिवा गुलाबी या लाल हो जाना, धुंधली दृष्टि, आंखों का प्रकाश के प्रति अधिक संवेदनशील (फोटोफोबिया) हो जाना, आँखों में किरकिरा या रेतीला एहसास होना

आई फ्ल्‍यू कैसे होता है

यह एक प्रकार की संक्रामक बिमारी है जो वायरस के संक्रमण से फैल सकती है इसके अलावा इसके फैलने के कारणों में – स्‍वच्‍छता की कमी मुख्‍य रूप से शामिल है, यह एक व्‍यक्ति से दूसरे में फैल सकती है

आई फ्ल्‍यू का इलाज

बहुत से चिकित्‍सीय उपचारों के अलावा निम्‍न बचाव भी किये जा सकते हैं- ‍संक्रमित व्‍याक्ति के हाथ न मिलाएं, न ही उनकी वस्‍तुओं को छुएं, आंखों को छूने या रगड़ने से बचें, 60% अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें, पराग कण, पालतू जानवरों की रूसी, धूल के कण और फफूंदी जैसे एलर्जी कारकों से बचें, सार्वजनिक स्विमिंग पूल का उपयोग करने से बचें

आई फ्ल्‍यू क्‍यों होता है

आई फ्ल्‍यू सामान्‍यत: साफ सफाई में कमी के कारण होने वाले संक्रमण से होता है जिसमें कंजंक्टिव या आंख की पारदर्शी झिल्‍ली में सूजन आ जाती है, जिससे यह गुलाबी दिखाई देती है।

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